कृषि रूपांतरण शिखर सम्मेलन ने पेश किए नवाचार और प्रेरणा – धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन (एफएसएफडब्ल्यू)

कृषि रूपांतरण शिखर सम्मेलन ने पेश किए नवाचार और प्रेरणा

बहुत से विशेषज्ञ तुरंत ही यह तर्क देते हैं कि मलावी में कृषि क्षेत्र चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में, जब वैश्विक जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और आधुनिक आहारों को अपनाने में तेजी से वृद्धि हो रही है, तो विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की मांग अगले तीन दशकों में दोगुनी हो जाएगी – और यह कि खाद्य उत्पादन इतनी गति से शायद नहीं बढ़ पाएगा। साक्ष्य के रूप में वे इस तथ्य की ओर इशारा करते हैं कि मौजूदा कृषि भूमि की उत्पादकता, जिसे फसल की उपज से मापा जाता है, मांग को पूरा करने के लिहाज से बहुत धीरे-धीरे बढ़ रही है।

और फिर भी, ऊपर वाले दृश्य - जिसमें एक युवा और भोले-भाले मालावी लड़के ने अपने समुदाय के सामने आने वाली दिन-प्रतिदिन की कृषि चुनौतियों का समाधान साझा किया – जैसे दृश्य जब धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन द्वारा लिलोंग्वे में आयोजित कृषि रूपातंरण शिखर सम्मेलन से पहले और उस दौरान सामने आए, तो मैं यह महसूस करने से खुद को रोक न सका कि वे दृश्य, ऐसे विशेषज्ञों के डरावने पूर्वानुमानों का एक महत्वपूर्ण खंडन हैं। ऐसा करने में, शिखर सम्मेलन ने तीन पुनरावर्ती विषयों को अत्यधिक स्पष्ट कर दिया।

सबसे पहले तो, शिखर सम्मेलन ने सुझाया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मलावी के कृषि क्षेत्र को उसकी चुनौतियों से उबरने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्तमान में, मलावी में अधिकांश खेती छोटे किसानों द्वारा की जाती है, जिनकी जोत एक हेक्टेयर से कम होती है। उत्पादकता के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने के लिए जिस बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था की ज़रूरत है वह इन छोटे किसानों की पहुंच से मीलों दूर है। अगर, जैसी कि कहावत है, आवश्यकता आविष्कार की जननी है, तो आविष्कारों की ज़रूरत इन छोटे किसानों से अधिक और किसी को नहीं है।

दूसरे, कृषि चुनौतियों को दूर करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए पूरे मलावी के छात्र सक्षम, तैयार, और इच्छुक हैं। उदाहरण के लिए, शिखर सम्मेलन के मुख्य आकर्षणों में से एक, एगटेक (कृषि-तकनीक) चैलेंज, छोटे किसानों की रोज़मर्रा की समस्याओं के समावेशी समाधान प्रस्तुत करने के लिए पूरे मलावी के युवा छात्रों को एक साथ लाया। इस आयोजन के दौरान, उत्साही छात्रों की टीमों ने कई सम्मोहक प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए, जैसे कि कैसे साइकिल के पहियों से मूंगफलियों को जल्दी से नुकाया जा सकता है, और कैसे मूंगफलियों को ज़मीन से तेज़ी से निकालने के लिए किसानी के उपकरणों में संशोधन कर उन्हें हाथ से चलने वाले यंत्रों में बदला जा सकता है। बहुतों ने अपनी प्रेरणा William Kamkwamba से ली जो पूरी प्रतियोगिता में छात्रों के गुरु थे और खुद भी एक नवाचारी थे। कई साल पहले, Kamkwamba ने विनाशकारी सूखे के बावजूद अपने गांव को अपनी फसल बर्बाद न होने देने में मदद देने के लिए एक पवनचलित सिंचाई पंप बनाया था – इस कहानी को द बॉय हू हारनेस्ड द विंड नामक पुस्तक और फ़िल्म ने लोकप्रियता दिलाई, जो Kamkwamba की कही इस बात को याद दिलाती है कि "प्रतिभा हर जगह है, पर अवसर नहीं।"

तीसरे, शिखर सम्मेलन ने पुष्टि की कि प्रतिभाशाली छात्रों को अवसर देने में मदद करने के लिए पूरे मलावी में महत्वपूर्ण काम किया जा रहा है। फाउंडेशन की पहल इस तरह के प्रयास का सिर्फ एक उदाहरण है। मलावी यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नॉलजी की कुलपति डॉ Address Malata द्वारा किया जा रहा काम भी कुछ कम प्रेरक नहीं है; वे इस बात में अडिग विश्वास रखती हैं कि "विज्ञान ही मलावी के लिए एकमात्र रास्ता है।" साथ ही, वे यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी को उपयोग में लाने के लिए मिलने वाले अवसर, पुरुषों और महिलाओं, दोनों को बराबर-बराबर मिलें। आखिरकार, ऐसे ही अवसरों ने उनकी अपनी कहानी को मुमकिन बनाया था – कहानी एक युवा लड़की की, जिसने लड़कों का क्षेत्र माने जाने वाले विज्ञान से दूर भगाए जाने के बावजूद, उसकी सबसे ऊंची चोटियों पर विजय हासिल की। अपने काम के माध्यम से, वे उम्मीद करती हैं कि आगे इस जैसी और बहुत सारी कहानियां सुनने को मिलेंगी।

यदि ऊपर वाले दृश्य जैसे दृश्यों को संकेत मान लिया जाए, तो हमारे पास यह मानने का अच्छा कारण है कि ऐसा होगा।

 

 

 

 

वर्डप्रेस ऐप्लायंस - संचालक टर्नकी लिनक्स

Powered by