कृषि रूपांतरण पहल | धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

कृषि रूपांतरण पहल

तम्बाकू की खेती ने छोटे किसानों को गरीबी से बाहर कभी नहीं निकाला है। उच्च गुणवत्ता वाले डेटा और कठोर विश्लेषण अर्थव्यवस्थाओं में विविधता लाने, तम्बाकू पर देश की निर्भरता कम करने, किसानों को भविष्य के लिए तैयार करने, और उनके देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी, साक्ष्य-आधारित नीति सृजन एवं संसाधन परिनियोजन को आकार दे सकते हैं और उनके लिए ज़रूरी जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

फाउंडेशन की कृषि रूपांतरण पहल (एटीआई) का मिशन छोटे तम्बाकू किसानों को तम्बाकू की मांग में अच्छी-खासी कमी के दौर के लिए तैयार करना है, जिसमें सबसे पहले सबसे अधिक ज़रूरत वाले लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। एटीआई इस अवसर का उपयोग किसानों के लिए अधिक सुरक्षित आय रणनीतियों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए करेगा और हमारी रणनीति की सफलता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विविध हितधारकों के साथ साझेदारी करने का प्रयास करेगा। एटीआई गतिविधियां निम्नलिखित परिणामों को लक्षित करेंगी:

  1. छोटे किसानों, उनके परिवारों, और व्यापक स्तर पर उनके समुदायों के लिए उच्च और अधिक सुरक्षित आय धाराएं, बेहतर खाद्य सुरक्षा की स्थिति और बेहतर समग्र स्वास्थ्य
  2. अत्याधुनिक कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के ज्ञान और उपयोग में वृद्धि
  3. तम्बाकू उगाने वाले देशों में तम्बाकू पर आर्थिक निर्भरता में कमी और प्रतिकूल स्थितियों से उबरने की क्षमता में वृद्धि
  4. तम्बाकू की खेती के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान में कमी
  5. बेहतर पोषण गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की स्थिति

इसे प्राप्त करने के लिए, एटीआई स्थानीय संदर्भों और हस्तक्षेप के संभावित बिंदुओं को समझने के लिए प्रणाली पद्धति का और उसके साथ-साथ कार्रवाई के निवेश-उन्मुख मॉडल का उपयोग करेगा। प्रणाली-चिंतन की पद्धति जटिल विकास समस्याओं के हल के लिए अच्छी तरह से अनुकूल है क्योंकि इसमें बेहतर निर्णय लेने के लिए बहु-कारक विश्लेषण और फीडबैक लूप होते हैं। इस बीच, निवेश पर ध्यान केंद्रित करना, यह सुनिश्चित करेगा कि खर्च किया गया हर डॉलर स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की क्षमता और मजबूती बढ़ाने में स्थायी ढंग से योगदान देता हो, यानी, वह छोटे किसानों, उनके परिवारों, और उनके समुदायों के बेहतर भविष्य में योगदान कर रहा हो। यद्यपि समय के साथ एटीआई के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का विकास होगा, पर एटीआई आरंभ में यहां उल्लिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का इरादा रखता है, यह मानते हुए कि वे स्वाभाविक रूप से परस्पर व्याप्त हैं।

रणनीतिक पद्धति

आर्थिक विविधीकरण के लिए रणनीतिक पद्धति

बाजार संचालित निवेश, विज्ञान- और प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार, और लक्षित नीति सुधार का एक सुचक्र

  1. विकल्पों की पहचान करें।किसानों के लिए नवीन और लाभदायक वैकल्पिक फसल और आजीविका विकल्पों की पहचान करें। यह कृषि विज्ञान शोध संस्थानों के साथ साझेदारी करके, उत्पादन, मूल्य शृंखला, व्यावसायीकरण और नीतिगत क्षमता को विचार में लेते हुए यह ज्ञात करने के लिए किया जाएगा कि कौन सी फसलें और आजीविकाएं किसी देश या क्षेत्र विशेष के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
  2. उत्पादकता में वृद्धि करें।कृषि उत्पादकता बढ़ाने, प्रतिकूल स्थितियों से उबरने की क्षमता बढ़ाने, और किसानों के लिए आय सृजन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को विकसित और लागू करें, जो मुख्य रूप से एक विज्ञान और प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना के माध्यम से संचालित हो। यह केंद्र एफएसएफडब्ल्यू / एटीआई का एक प्रमुख कार्यक्रम होगा और यह उन नई प्रौद्योगिकियों का आकलन और सत्यापन करने में महत्वपूर्ण होगा जो किसी देश विशेष के कृषि क्षेत्र में आ सकती हैं। आवश्यकता के जो आरंभिक क्षेत्र पहचाने गए हैं वे हैं बीज परीक्षण, ऊतक संवर्धन और प्रयोगशाला सुविधाएं, मृदा परीक्षण और भूमि आवंटन / मानचित्रण।
  3. व्यावसायीकरण सुगम बनाएं। आर्थिक अवसरों में सुधार करने, ग्रामीण समुदायों के लिए आय सृजन करने, और व्यापक रूप से अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नए बाजारों और स्थायी व्यापार मॉडल के निर्माण और उपयोग को सुगम बनाएं। एफएसएफडब्ल्यू / एटीआई रणनीति का एक मुख्य स्तंभ वैकल्पिक कृषि मूल्य शृंखलाओं को मजबूत बनाना और उनका समर्थन करना होगा। यह गतिविधि कई विधियों से होगी, जिसमें पहचाने गए साझेदारों के साथ गहरा सहयोग और स्थानीय नीति विश्लेषण; विभिन्न मुद्दों, जिनमें विशेष आर्थिक क्षेत्र शामिल है पर वे इसी तक सीमित नहीं हैं, पर सम्मेलन, सेमिनार, और क्षमता-वर्धन के सत्र; तम्बाकू सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक विविधीकरण रणनीतियां; नई तकनीकों के परीक्षण के लिए सीओई मंच; निवेश पूंजी और व्यापार मामला विकास का सुगमीकरण; खरीद समझौतों का सुगमीकरण; और एक एकीकृत लघुधारक / वाणिज्यिक मॉडल पर आधारित एक समावेशी आपूर्ति शृंखला की रचना।
  4. नीति को मजबूत करें। सभी स्तरों पर लक्षित नीति और प्रतिकूल स्थितियों से उबरने की क्षमता में वर्धन करने वाली कार्रवाई के माध्यम से इन नई आजीविका एवं व्यापार रणनीतियों के लिए एक सक्षमकारी परिवेश बनाएं। निवेश के अधिकांश प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को समझना नीति विश्लेषण और सरकारी क्षमता वर्धन का एक घटक होगा। यह विशेष रूप से बाजार और मूल्य-शृंखला विकास, शिक्षा और प्रौद्योगिकी नवाचार के संबंध में सत्य है।

किसान को याद करना

एटीआई की पहल केवल तभी मूल्यवान होगी जब लाभ अलग-अलग किसानों तक पहुंचेंगे, और व्यक्तिगत आय, परिसंपत्तियों, उपभोग, और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करेंगे। इस गरीब और अल्पपोषित आबादी के लिए बेहतर आजीविका के अवसरों को सुगम बनाने के प्रयास में, एटीआई की जिम्मेदारी है कि वह पोषण संबंधी परिणामों पर संभावित प्रभावों का ध्यान रखें, और साथ ही जहां भी संभव हो, अपने कार्य में पोषण के एजेंडे को उद्देश्यपूर्ण रूप से शामिल करे। बढ़े हुए पोषण स्तरों में योगदान एफएसएफडब्ल्यू / एटीआई के लिए एक महत्वपूर्ण परिणाम होगा।

पोषण मानव स्वास्थ्य और आर्थिक उत्पादकता की आधारशिला है। कुपोषण का मौजूदा वैश्विक बोझ बहुत अधिक है, और अफ्रीका के छोटे किसानों पर इसका बोझ शेष विश्व की तुलना में काफी अधिक है। वर्तमान में दुनिया के सामने मौजूद कुपोषण के कई बोझों को दूर करने से समाज के लगभग हर आयाम को दूरगामी लाभ पहुंचाएंगे। आर्थिक दृष्टि से, एक सुपोषित आबादी का सीधा अर्थ होता है स्वास्थ्य देखभाल लागतों में कमी और अधिक उत्पादक नागरिक। वास्तव में, लागत-लाभ विश्लेषण इस बिंदु को काफी स्पष्ट करते हैं: यह अनुमान है कि पोषण में निवेश करने के लिए खर्च किए गए प्रत्येक $1 पर $16 का प्रतिलाभ मिलता है।1

वैश्विक स्तर पर, संधारणीय विकास के लक्ष्य 2 (भूख ख़त्म करना, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण प्राप्त करना, और स्थायी कृषि को बढ़ावा देना), एटीआई के एजेंडा के लिए उच्च-स्तरीय लक्ष्य निर्धारित करता है, और लक्ष्य 2.3, छोटे स्तर के खाद्य उत्पादकों की कृषि उत्पादकता और आय को दोगुना करें ; और लक्ष्य 2.4, स्थायी खाद्य उत्पादन प्रणालियां और प्रतिकूल स्थितियों से उबर सकने वाली कृषि पद्धतियां, पर विशेष बल देता है।2

जैसे-जैसे फाउंडेशन अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के छोटे किसानों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ अपना काम करता है, वह शोध, समुदाय-आधारित पहलों, नवाचारों और साक्ष्य-आधारित नीति रणनीतियों को प्राथमिकता देगा, जो एक साथ - और स्वतंत्र रूप से - बेहतर पोषण परिणामों का समर्थन करेंगे, यह पहचानते हुए कि स्वस्थ अर्थव्यवस्थाओं के लिए सुपोषित व स्वस्थ नागरिक आवश्यक हैं और सुपोषित व स्वस्थ नागरिकों के लि स्वस्थ अर्थव्यवस्थाएं आवश्यक हैं। बुनियादी तौर पर, अक्सर गरीबी को कम करने की रणनीतियों और कुपोषण को कम करने की रणनीतियों के बीच उल्लेखनीय स्वाभाविक परस्पर-व्याप्ति (ओवरलैपिंग) होती है (इसलिए क्योंकि गरीबी, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण का एक मुख्य मूल कारण है)। हालांकि इन स्वाभाविक सहक्रियाओं के अतिरिक्त, फाउंडेशन अपनी साझेदारियों और परियोजनाओं में पोषण मूल्यांकन और शोध को सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए, और साथ ही इन आपस में गुंथे लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के नए नवाचारी मार्ग लगातार ढूंढने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

मलावी: एक अद्वितीय संदर्भ

एटीआई यह मानता है कि मलावी एक बड़ी और अद्वितीय आवश्यकता वाला देश है। इसकी अर्थव्यवस्था तम्बाकू पर अत्यधिक निर्भर है, और मलावी लोग गरीबी और खाद्य असुरक्षा के विषम बोझ से पीड़ित हैं। इसके अलावा, वर्तमान सरकार, गैर-लाभ संगठनों और निजी क्षेत्र के हितों के संदर्भ में यह देश बदलाव की आशाजनक परिस्थितियों वाला देश है। इस रूप में, एटीआई का प्रारंभिक कार्यक्रमी फ़ोकस मलावी पर होगा, जिसका उद्देश्य अंतत: वैश्विक दायरे के अंदर अन्य तम्बाकू उत्पादक अर्थव्यवस्थाओं में विस्तार करना है।

वजन के हिसाब से 2016 में विश्व में तम्बाकू का तेरहवां सबसे बड़ा उत्पादक होने के बावजूद, मलावी दुनिया का सर्वाधिक तम्बाकू-निर्भर देश है। 2012 में, तम्बाकू, जो मलावी की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है3, ने देश के लिए $65.4 करोड़ डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित की थी। यह 2016 के कुल निर्यात मूल्य का पूरा 59% था।27 अकेले तम्बाकू का पत्ता खेती को, मूल्य शृंखला का पहला कदम मात्र माना जाता है, जिसमें 2016 में 4,51,000 लोगों को रोज़गार मिला था, जो कुल जनसंख्या का पूरा 2.5% है। तम्बाकू बाजारों, स्वास्थ्य मुद्दों, और पर्यावरणीय चिंताओं के मौजूदा रुझानों ने घरेलू उद्योग पर काफी दबाव डाला है, जिससे सरकार को अर्थव्यवस्था में विविधता लाने और सबसे बड़े विदेशी मुद्रा अर्जक के रूप में तम्बाकू पर अत्यधिक निर्भरता को घटाने का संदेश गया है।

2016 के एक अध्ययन के अनुसार, केवल 25% मलावी तम्बाकू किसान 2014 में प्राप्त कीमतों से संतुष्ट थे, और लगभग 41% तम्बाकू किसानों ने वैकल्पिक फसलों या आजीविकाओं को अपनाने पर विचार किया है।4 मलावी के सभी तम्बाकू किसानों में से लगभग 45% अनुबंधित किसान हैं, लेकिन कीमत संतुष्टि और फसल/आजीविका बदलने की इच्छा की दृष्टि से देखें तो स्वतंत्र और अनुबंध वाले किसानों के बीच कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर नहीं था। 5

इसके अतिरिक्त, मलावी गरीबी और कुपोषण के एक विषम बोझ से पीड़ित है। 2011 तक, गरीबी की दर 50% से अधिक थी (और ग्रामीण गरीबी दर 57% से भी अधिक), और हाल के विश्लेषणों से पता चलता है कि हाल ही में मौसम से मिले झटकों के कारण इसमें वृद्धि हुई होगी।6 इसके अलावा, 2015-16 के मलावी जनसांख्यिकी और स्वास्थ्य (डीएचएस) सर्वेक्षण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 5 वर्ष से कम आयु के 37% बच्चे अविकसित हैं।7 इस रूप में, मलावी एक ऐसा देश है जो तम्बाकू की वैश्विक मांग में होने वाली भावी गिरावट के प्रति विशेष रूप से असुरक्षित होगा।

कृषि रूपांतरण पहल (एटीआई)

विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं और किसानों का सुगमीकरण करके धूम्रपान-मुक्त भविष्य की तैयारी

तम्बाकू के पत्ते की गिरती मांग से मलावी में किसानों की आय पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है

सिगरेट की वैश्विक बिक्री में 2012 से 2016 के बीच 7,6% की गिरावट आई है

(यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल (Euromonitor International), 2018)

मलावी में तम्बाकू के फार्म-गेट मूल्य में 2012 से 2016 के बीच 54% की गिरावट आई है

(FAOSTAT, 2018)

पिछले एक दशक में, मलावी के कुल निर्यात का 40.6-63,6% तम्बाकू था

(बीएसीआई, 2018)

मलावी के तम्बाकू निर्यात की मात्रा में 2012 से 2016 के बीच 33% की गिरावट आई है

(बीएसीआई, 2018)

बाजार-संचालित आर्थिक विविधीकरण इस गिरावट की गंभीरता घटाने का एकमात्र तरीका हो सकता है

  • वर्तमान तम्बाकू-आधारित व्यापार मॉडल को समझें।
  • घटती तम्बाकू आय की भरपाई के लिए वैकल्पिक फसलों और आजीविकाओं के मौजूदा और संभावित बाजारों की तलाश करें।
  • लंबी अवधि में, आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए संरचित कृषि मूल्य शृंखला और निकटस्थ उद्योगों की पहचान और समर्थन करें।
  • उच्च-मूल्य वाले व्यापार मॉडल को लक्षित करके "नए बाजारों व अवसरों की रचना करें"।
  • सीधे छोटे किसानों को मूल्य लाभ देने वाले व्यापार मॉडलों की सह-रचना करें।
  • वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए नवाचारी वित्तपोषण तंत्रों का लाभ उठाएं।
  • स्तर और सुरक्षा प्राप्त करने के लिए ऐसे कृषि निवशों का पथप्रदर्शन करें जिनके "केवल कृषि में उपयोग की गारंटी" हो।
  • इक्कीसवीं सदी के कृषि नवाचार और निजी क्षेत्र की स्तर बढ़ाने की शक्ति का विलय करने वाला उत्कृष्टता केंद्र बनाएं।
  • उत्पादकता में वृद्धि और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने वाले ऐसे इनपुट और प्रौद्योगिकियों की पहचान करें जो खेल बदलकर रख देने में सक्षम हों।
  • जोखिम पूंजी और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों के साथ निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा दें।
  • कृषि, व्यापार, निवेश, वित्त और पूंजी तक पहुंच में वृद्धि के व्यापार मॉडलों की और, विभिन्न चीजों को प्रभावित करने वाली बाधाओं की पहचान करें।
  • मौजूदा प्रक्रियाओं और हितधारकों के माध्यम से नीति सुधार प्रक्रिया को सुगम बनाएं।
  • मलावी को एसएसए में प्रमुख सुधारक के रूप में स्थान देने के लिए एक डूइंग बिजनेस टास्क फोर्स का गठन और सुगमीकरण करें।

हमारी पद्धति प्रगति को तेज़ करने, स्थानीय संगठनों का सशक्तीकरण करने, और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी व समृद्ध किसानों का निर्माण करने के लिए रणनीतिक साझेदारी और एक मजबूत शोध एजेंडे का मिलन करने की है।

अफ्रीकी सफलता की कहानियों से तुलनीय आर्थिक विकास की बराबरी करना

डूइंग बिजनेस संकेतकों/निवेश परिवेश में सुधार के प्रयास करना

छोटी जोत वाले किसानों की आय बढ़ाना और सुरक्षित करना

छोटी जोत वाले किसानों की आय बढ़ाना और सुरक्षित करना

बच्चों का अविकास एवं अन्य कुपोषण घटाना

1 Fanzo J, Hawkes C, और E. Udomkesmalee। 2017 वैश्विक पोषण रिपोर्ट: एसडीजी (संधारणीय विकास लक्ष्यों) का पोषण। वैश्विक बेहतर पोषण गठबंधन (जीएआईएन) वेबसाइट। https://www.gainhealth.org/knowledge-centre/2017-global-nutrition-report…। प्रकाशित 6 नवम्बर 2017। एक्सेस किया गया 14 जुलाई 2018।
2 संधारणीय विकास पर संयुक्त राष्ट्र संघ सम्मेलन। संयुक्त राष्ट्र महासभा के मुक्त कार्य समूह ने संधारणीय विकास के लक्ष्यों का प्रस्ताव रखा प्रेस विज्ञप्ति, 22 जुलाई 2014। https://sustainabledevelopment.un.org/content/documents/4538pressowg13.pdf से एक्सेस किया गया
3 संयुक्त राष्ट्र संघ खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ)। मलावी में खाद्य और कृषि नीतियों की समीक्षा: देश रिपोर्ट 2014। एफएओ वेबसाइट। http://www.fao.org/fileadmin/templates/mafap/documents/Malawi/MCR_May201...। प्रकाशित 2015. एक्सेस किया गया 14 जुलाई 2018।
4 आर्थिक जटिलता की वेधशाला (ओईसी)। मलावी: ओईसी वेबसाइट। https://atlas.media.mit.edu/en/profile/country/mwi/. प्रकाशित 2016। एक्सेस किया गया 14 जुलाई 2018।
5 Appau, A., Drope, J., Lencucha, R., और D. Makoka। मलावी में तम्बाकू उत्पादन का खेत-स्तर का अर्थशास्त्र। लिलोंग्वे कृषि विश्वविद्यालय और कृषि शोध एवं विकास के प्राकृतिक संसाधन केंद्र का कार्य शोधपत्र,अप्रैल 2016।
6 अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)। आईएमएफ देश रिपोर्ट नंबर 17/184। मलावी: आर्थिक विकास दस्तावेज। आईएमएफ वेबसाइट। https://www.imf.org/en/Publications/CR/Issues/2017/07/05/Malawi-Economic...। प्रकाशित 5 जुलाई 2017। एक्सेस किया गया 14 जुलाई 2018।
7 राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ)। मलावी जनसांख्यिकी और स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16। डीएचएस कार्यक्रम वेबसाइट। https://dhsprogram.com/pubs/pdf/FR319/FR319.pdf। प्रकाशित फरवरी 2017। एक्सेस किया गया 14 जुलाई 2018।

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