पारंपरिक जेंडर लेंस निवेशन से परे: एक प्रतिच्छेदात्मक दृष्टिकोण - धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

पारंपरिक जेंडर लेंस निवेशन से परे: एक प्रतिच्छेदात्मक दृष्टिकोण

जेंडर लेंस निवेशन:

निवेश विश्लेषण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में लैंगिक विश्लेषण का विचारपूर्वक एकीकरण

जेंडर लेंस निवेशन (जीएलआई) “एक निवेश पद्धति है जो संस्थागत पोर्टफोलियो के लिए उपयुक्त जोख़िम/प्रतिलाभ उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए, महिलाओं और लड़कियों के जीवन में बदलाव लाने की इच्छा को सोच-विचार कर शामिल करती है।” क्राइटेरियन इंस्टीट्यूट और Jackie VanderBrug, प्रबंध निदेशक, ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट, बैंक ऑफ अमेरिका, ने एक व्यापक जेंडर लेंस निवेशन ढांचा तैयार किया, जिसमें उन्होंने उन विभिन्न तरीकों को परिभाषित किया, अलग-अलग किया, और उनका मूल्यांकन किया जिनसे विभिन्न निवेश महिलाओं को लाभान्वित कर सकते हैं और सशक्त बना सकते हैं।

कुल मिलाकर, जीएलआई में निम्नलिखित तीन स्तंभों के साथ निवेश शामिल हो सकते हैं पर वे इन्हीं तक सीमित नहीं हैं: (i) महिलाओं के लिए पूंजी की सुलभता बढ़ाना, (ii) महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर समानता, (iii) महिलाओं के लिए उत्पाद एवं सेवाएं।

 

प्रतिच्छेदनीयता:

सामाजिक श्रेणियों, जैसे नस्ल/जाति, वर्ग, सामाजिक लिंग, लैंगिकता आदि की आपस में जुड़ी प्रकृति, और किस प्रकार वे एक-दूसरे पर व्याप्त होकर क्षति व भेदभाव के परस्पर-निर्भर नेटवर्क बनाते हैं

विकास के संदर्भ में, महिलाओं को प्रायः एक एकाकी एकीकृत समवर्ग माना जाता है जिन्हें एक साथ एक समूह में रखा जा सकता है और उनके लिंग मात्र के आधार पर उनकी ज़रूरतें पूरी की जा सकती हैं। लेकिन, महिलाएं कोई शिला नहीं हैं। यह आवश्यकता से अधिक सरलीकृत वर्गीकरण विकास समुदाय की, सर्वाधिक कमज़ोर महिलाओं को सेवाएं देने की योग्यता में बाधा डालता है। प्रतिच्छेदनीयता “महिला” की अवधारणा को विस्तार देती है और विभिन्न पहचानों वाली महिलाओं को लोगों की नज़र में लाती है।

चूंकि अलग-अलग समूहों की ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं, अतः महिलाओं की विभिन्न श्रेणियों पर केंद्रित कार्यक्रमों और समाधानों पर स्पष्ट रूप से ध्यान देना चाहिए और ऐसे कार्यक्रमों व समाधानों की रचना की जानी चाहिए। ऐसे समाधानों और कार्यक्रमों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, पर वे इन्हीं तक सीमित नहीं हैं: जाति/नस्ल, नृजातीयता, आय का स्तर, खाद्य सुरक्षा, आय सुरक्षा, शिक्षा का स्तर, स्थान, वित्तीय साक्षरता, सूचना तक पहुंच, भूस्वामित्व एवं पहुंच, घर में बच्चों और/या आश्रितों की संख्या, रोग का बोझ, और वैवाहिक स्थिति। इन कारकों को हिसाब में लेने से एक वास्तविक रूप से प्रतिच्छेदी और प्रभावपूर्ण उपक्रम निधि की रचना होगी जो विभिन्न स्तर की अरक्षितताओं वाली महिलाओं को न तो अनदेखा करेगी और न वर्जित।

ऊपर बताए गए जीएलआई के तीन स्तंभ समावेशी हों यह सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिच्छेदनीयता को सर्वोत्तम ढंग से किस प्रकार संबोधित करें?

महिलाओं के लिए पूंजी की सुलभता बढ़ाना

यू एस वाणिज्य मंडल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस फोरम में, अमेरिकास यूबीएस कम्युनिटी अफेयर्स एंड कॉर्पोरेट रेस्पॉन्सिबिलिटी की कार्यकारी निदेशक Jamie Sears ने “उद्यमी जगत में योग्यता वरिष्ठता का मिथक” और किस प्रकार “भेदभाव संरचना में समाया हुआ और हठी है” के बारे में बोला। विश्व बैंक के अनुसार, विकासशील देशों में औपचारिक, महिला-स्वामित्वाधीन छोटे और मझोले उद्यमों में से 70% उद्यमों को या तो वित्तीय संस्थान वर्जित कर देते हैं या वे अपनी ज़रूरतों को पूरा करने लायक वित्तीय सेवाएं हासिल नहीं कर पाते हैं, जिससे नतीजे में $287 अरब प्रति वर्ष की लैंगिक वित्तपोषण रिक्ति उत्पन्न होती है। अब जबकि निवेशक अपने प्रभाव पर और पूंजी प्रवाह को और अधिक अर्थपूर्ण ढंग से दिशा देने के बारे में दोबारा सोच रहे हैं, तो उनके पास विकास के कर्ताओं के साथ कार्य करने का अवसर है, न केवल आर्थिक बदलाव और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए, बल्कि स्थायी व्यवस्थागत बदलाव लाने हेतु रवैयों, नीतियों, और परिपाटियों में साथ-साथ आ रहे बदलावों पर ध्यान देने की योग्यता को बढ़ावा देने के लिए भी।

महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर समानता: मूल्य शृंखला के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देना

दक्षता, उत्पादकता, और लाभप्रदता को अधिकतम करने के लिए यह समझना आवश्यक है कि विभेदी भूमिकाओं, अवसरों, और सफलता के राह की बाधाओं को परिभाषित करने वाले सामाजिक संदर्भ में मूल्य शृंखलाएं किस प्रकार अंतः स्थापित हैं। लिंग और ज़रूरतों की ओर से आंखें मूंद कर किए जाने वाले निवेश लैंगिक असमानताओं के और बदतर होने का जोख़िम पैदा करते हैं, आर्थिक विकास के अवसरों की पहचान करने में विफल रहते हैं, और लैंगिक वित्तपोषण के फासले तथा लैंगिक कृषि उत्पादकता के फासले को और चौड़ा करते हैं, मलावी में यह फासला लगभग 30% पर है। लिंग और अन्य प्रतिच्छेदी चालक-बलों पर अर्थपूर्ण फोकस से उन अन्यथा नज़र न आने वाली आपेक्षिक क्षतियों पर प्रकाश पड़ता है जिनका सभी प्रकार की महिलाएं सामना करती हैं और इससे नई या बेहतर मूल्य शृंखलाओं में निवेश रणनीतियों को ज़रूरी जानकारी मिल सकती है।

इसी प्रकार, विकास के कई कर्ता माइक्रोफाइनेंस को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए जादू की छड़ी मानकर उस पर फोकस करते हैं। लेकिन, ऐसे क्षेत्रों जो पहले से महिलाओं के सीमित नियंत्रण वाले क्षेत्रों में हैं (जैसे मार्केट वेंडिंग, टेक्सटाइल आदि), के अंदर माइक्रोफाइनेंस पर फोकस करने से, असमानताओं के मूल कारणों की अनदेखी होना और, महिलाओं का शोषण करने वाले एवं उनके अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को चिरकालिक बनाने वाले पितृसत्तात्मक मानदंडों पर बने विशाल तंत्रों – जैसे राजनीति, स्वास्थ्य देखभाल, और शिक्षा – पर ध्यान न देना आसान बन सकता है।

मूल्य शृंखला में और ऊपर, हम अधिकाधिक मात्रा में ऐसे साक्ष्य देखते हैं जिससे लैंगिक विविधता और बेहतर प्रदर्शन की मापों, जैसे निविष्ट पूंजी पर प्रतिफल (आरओआईसी), ईक्विटी पर प्रतिफल (आरओई), और आरओई की अस्थिरता, के बीच संबंध सिद्ध होता है। हालांकि यह साक्ष्य महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए आरओआई पर, और लिंग-तटस्थ निवेशों की क्षतिकारक प्रकृति पर प्रकाश डालता है, पर महिलाओं की विभिन्न पहचानों, जैसे अश्वेत महिलाएं, विभिन्न आय स्तरों वाली महिलाएं, एलजीबीटी लोग, और वैश्विक दक्षिण में रहने वाली महिलाएं, की व्याख्या के लिए और शोध की ज़रूरत है।

महिलाओं के लिए उत्पाद एवं सेवाएं

बहुत कम कंपनियां महिलाओं की ज़रूरतों पर सीधे ध्यान देती हैं, वैश्विक दक्षिण की महिलाओं की ज़रूरतों की तो बिसात ही क्या है। Jackie VanderBrug महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को हल करने वाले उत्पादों की ज़रूरत की ओर, तथा इस ओर ध्यान खींचती हैं कि कैसे नवाचार, अब तक कई तरीकों से लिंग-तटस्थ रहा है। उदाहरण के लिए, कृषि में प्रौद्योगिकी को “आवश्यक रूप से कृषि श्रम, घरेलू उद्यमों, परिवार के भोजन उपभोग संबंधी निर्णयों, और सामाजिक संरचनाओं के एकलिंगपक्षी पैटर्नों से फिल्टर किया जाता है।”

स्प्रिंग एक्सेलरेटर इन्वेस्टर टूलकिट के अनुसार, “किसी व्यापार के उत्पादों और सेवाओं से प्रभावित होने के लिए लड़कियों और युवा महिलाओं का प्रत्यक्ष अंत उपयोक्ता होना ज़रूरी नहीं है।” निवेशक महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाले और उनकी सफलता की गति बढ़ाने वाले परितंत्रों और विशिष्ट उद्योगों पर फोकस कर सकते हैं, जैसे एडटेक

मलावी में धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन की कृषि रूपांतरण पहल

यदि फाउंडेशन का कार्य और विकास समुदाय का कार्य सर्वाधिक हाशिये पर मौजूद लोगों की ज़रूरतों पर ध्यान देना है, तो हमें समावेशन की परिभाषा को लिंग से भी आगे ले जाने का प्रयास करना होगा। हालांकि मूल्य शृंखला में महिलाएं अभी-भी अल्पसेवित एवं अल्प-प्रयुक्त हैं, पर हमारे पास और गहराई तक सोचने की और दुनिया की अधिकांश हाशिये पर मौजूद महिलाएं जिन परतदार मुद्दों का सामना करती हैं उन पर ध्यान देने की योग्यता है।

मलावी में कृषि रूपांतरण पहल (एटीआई) की निवेश सहयोग सुविधा (आईएसएफ) लघुधारकों को निवेशक-श्रेणी के लेनदेनों में शामिल करने पर फोकस करती है। सभी प्रक्रियांतर्गत लेनदेनों में महिलाओं को अर्थपूर्ण ढंग से शामिल करना चाहिए, उल्लेखनीय संख्या में छोटी जोत के किसानों को उनके व्यापार मॉडल में शामिल करना चाहिए, और छोटी जोत के किसानों के लिए आय और उत्पादकता में अर्थपूर्ण वृद्धि दिखनी चाहिए। हम इस सवाल का जवाब खोज रहे हैं: सभी महिलाओं को वास्तविक अर्थों में और महत्वपूर्ण ढंग से एकीकृत और शामिल करने का क्या अर्थ है?

यदि आपके पास यह सुनिश्चित करने में मदद करने के विचार हों कि आईएसएफ एक प्रतिच्छेदी निवेश निधि हो, तो कृपया नीचे कमेंट लिखें! हम यह सुनिश्चित करने के नए विचारों की हमेशा तलाश में रहते हैं कि हम मलावी के सर्वाधिक अरक्षित समुदायों की सहायता करते हों, और हम आपको इस बातचीत का हिस्सा बनाने के लिए उत्सुक हैं।

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