पुराने उद्योगों का रचनात्मक विनाश अधिक स्थायी उद्योगों को जन्म देता है - धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

पुराने उद्योगों का रचनात्मक विनाश अधिक स्थायी उद्योगों को जन्म देता है

दुनियाभर में दहनशील सिगरेट की बिक्री मात्रा घट रही है। इस बीच, विभिन्न तम्बाकू हानि न्यूनकारी उत्पादों की वृद्धि दरें उल्लेखनीय हैं। ये रुझान सुझाते हैं कि कुछ उपभोक्ता पारंपरिक सिगरेट छोड़कर नए उत्पाद अपना रहे हैं, इस परिघटना को Jacob Grier सिगरेट उद्योग का “रचनात्मक विनाश” कहते हैं

बेशक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बिग टोबैको कितना सफल होगा। हालांकि, अन्य क्षेत्रों के रुझानों का विश्लेषण करके, हमें इस बारे में थोड़ी अंतर्दृष्टि मिल सकती है कि तम्बाकू में रचनात्मक विनाश कैसा दिखेगा।

उदाहरण के लिए, बिग ऑइल की हुकूमत इस समय नई प्रौद्योगिकियों के संगम से ख़तरे में है, जिनमें लंबी भंडारण क्षमता वाली बैटरियां, वाहनों की स्वचालन क्षमताओं में प्रगति, और साझा अर्थव्यवस्था की बढ़त शामिल है। यह बदलाव केवल प्रौद्योगिकीय नवाचार से नहीं आया है, बल्कि कुछ सांस्कृतिक मान्यताओं में बदलाव से भी आया है, उदाहरण के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रति बढ़ती चिंता।

यह चिंता कुछ उपभोक्ताओं को मांस छोड़ने के लिए भी प्रेरित कर रही है, जिसके उत्पादन के साथ पर्यावरणीय हानि जुड़ी हुई है। इस क्षेत्र में, स्टार्ट-अप कंपनियां विज्ञान की प्रगति का लाभ उठाकर ऐसे प्रयोगशाला-आधारित विकल्प बना रही हैं जो उपभोक्ताओं की स्वाद, बनावट, और सुगंध से संबंधित मांगों को पूरा करते हैं। न्यू यॉर्क टाइम्स की ख़बर के मुताबिक इनमें से कुछ स्टार्ट-अप कंपनियों को अब पशुओं से प्राप्त मांस उत्पादों के सबसे बड़े उत्पादकों से भी समर्थन मिल रहा है। ये कंपनियां मांस के विकल्पों की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित हैं, क्योंकि इनके पास बड़े स्तर तक पहुंचने के लिए ज़रूरी वितरण प्रणालियां और उपभोक्ताओं से संबंधित अंतर्दृष्टियां हैं। हालांकि कुछ स्टार्ट-अप कंपनियां बड़े मांस उत्पादकों के साथ संलग्न होने में हिचक रही हैं, क्योंकि उन्हें चिंता है कि उन उत्पादकों की गंदी विरासत, उनके मिशन की शुद्धता को भ्रष्ट कर देगी। तम्बाकू क्षेत्र में भी हालात कुछ ख़ास अलग नहीं हैं।

बड़ी तम्बाकू कंपनियां टुकड़ों में बंटे हुए वैश्विक ई-सिगरेट बाज़ार के लगभग एक-चौथाई भाग को, मुख्यतः अधिग्रहण के माध्यम से, नियंत्रित करती हैं। विभिन्न तम्बाकू कंपनियों, जिन्हें बहुत से लोग लंबे समय से एक अखंड उद्योग मानते आए हैं, की रणनीतियों में अब असहमति ने जगह बना ली है। मोटर वाहन, मांस, और अन्य क्षेत्रों में हुए रूपांतरणों से ऐसा क्या सीखा जा सकता है जो दहनशील तम्बाकू की बिक्री को ख़त्म करने पर लागू होता है? सभी क्षेत्रों में एक आम बात यह है कि उपभोक्ता, अपेक्षाकृत घटिया उत्पादों की तुलना में बेहतर उत्पादों को महत्व देते हैं। और दूसरी आम बात यह है कि जब बदलाव होता है, तो अक्सर उम्मीद से कहीं अधिक तेज़ी से होता है।

हर जमाने की तरह आज के जमाने में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो किसी प्रौद्योगिकी का विरोध सिर्फ़ इसलिए करते हैं क्योंकि वह नई है। कुछ अन्य को यह डर होता है कि उसके अवांछित प्रभाव, उसके लाभों को बेकार कर देंगे। उनकी चिंताओं पर सावधानीपूर्वक ध्यान देना बनता है। समझदार नियामक पर्यवेक्षण और प्रवर्तन, एवं साथ ही आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सिद्धांतों का व्यापक उपयोग, इस नए क्षेत्र में रास्ता ढूंढते समय अत्यंत महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होंगे। हालांकि, प्रतिबंध और डर की सौदागरी, स्थायी समाधान नहीं हैं।

तम्बाकू नियंत्रण में लिखते हुए Ruth Malone, सिगरेट को चरणबद्ध ढंग से ख़त्म करने की मांग करती हैं। हम सहमत हैं। और हमारा मानना है कि प्रौद्योगिकीय व्यवधान एवं नवाचार से उस लक्ष्य को हासिल करने का एक असल मौका मिलता है जिसका वे वर्णन करती हैं। पर, Malone के विपरीत, हम यह मानते हैं कि वर्तमान संवेग का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए, हमें उन कंपनियों के साथ संलग्न होना होगा जिनका इससे सर्वाधिक लाभ या सर्वाधिक हानि होने को है। सिगरेट (और विषैले विषैला धूम्रमुक्त तम्बाकू उत्पादों) के विकल्पों पर अग्रणी तम्बाकू कंपनियों द्वारा किए जा रहे शोध को पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में व्यापक रूप से साझा करना चाहिए—उससे सिर्फ़ इसलिए कन्नी नहीं काटनी चाहिए कि तम्बाकू कंपनियों ने उसका वित्तपोषण किया है।

प्रगति को बाधित करने वाले पिछले और वर्तमान कदमों के लिए तम्बाकू कंपनियों पर अंगुली उठाने में Malone सही हैं। हमारी प्रतिक्रिया यह है कि उद्योग के कदमों को पारदर्शी ढंग से मापा जाए व सूचित किया जाए। फ़ाउंडेशन वैश्विक उपभोक्ता रायशुमारी के जरिए उपभोक्ताओं की धारणाओं की निगरानी भी कर रहा है और धूम्रपान निवारण एवं हानि घटाव शोध का समर्थन भी कर रहा है। और अंत में, हम ऐसी शीघ्र चेतावनी प्रणालियां विकसित कर रहे हैं जो स्वास्थ्य लक्षणों और प्रतिकूल घटनाओं से जुड़े संकेतकों को चिह्नित करेंगी।

ऊर्जा, भोजन, और बड़ी कृषि कंपनियों, इन सभी ने उनके उत्पादों के कारण होने वाली विशाल हानियां, जिनमें जलवायु परिवर्तन और संभावित प्रजाति विलुप्तीकरण शामिल है, को ख़त्म करने के प्रयासों में गतिरोध पैदा करने वाली पहलों का वित्तपोषण किया है। पर फिर भी, शिक्षा जगत, सरकारें, निवेशक, और अलाभ संगठन समाधान हासिल करने के लिए इन क्षेत्रों के साथ कार्य कर रहे हैं, और अस्वीकार्य परिपाटियों पर अंगुली उठा रहे हैं। हमारा मानना है कि तम्बाकू से होने वाली हानि के ख़ात्मे के लिए भी ऐसा ही दृष्टिकोण चाहिए। दांव पर इतना कुछ है कि जीवनरक्षक समाधानों की गति बढ़ा सकने वाले पक्षों के साथ संलग्न नहीं होने का सवाल ही नहीं उठता है।

वर्डप्रेस ऐप्लायंस - संचालक टर्नकी लिनक्स

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