एनआईएच द्वारा रोकथाम शोध के वित्तपोषण का मूल्यांकन - धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

एनआईएच द्वारा रोकथाम शोध के वित्तपोषण का मूल्यांकन

Murray DM एवं अन्य द्वारा किया गया एक हालिया अध्ययन, जो अमेरिकन जरनल ऑफ़ प्रिवेंटिव मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है, जिसका लक्ष्य मनुष्यों में प्राथमिक और द्वितीयक रोकथाम शोध के लिए, शोध के क्षेत्र और चरण के अनुसार, एनआईएच के सहयोग के स्तर का विश्लेषण प्रदान करना है। यह अध्ययन 2012 से 2017 के बीच किया गया था जिसमें एनआईएच के वे सभी 27 संस्थान एवं केंद्र शामिल किए गए थे जो रोग नियंत्रण कार्यालय (ओडीपी) के साथ सहकार्य करते हैं। इस अध्ययन से पहले एक अन्य अध्ययन Calitz C एवं अन्य द्वारा किया गया था जो इसी जरनल में 2015 में प्रकाशित हुआ था। Calitz एवं अन्य ने एनआईएच के मानव व्यवहार संबधी अंतर्क्रियाओं के 3 वर्षों (2010-2012) से भी अधिक के रोकथाम पोर्टफ़ोलियो, जो असंचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम पर लक्षित था, का पहला व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया था, हालांकि उन्होंने 27 संस्थानों एवं केंद्रों में से केवल आठ को शामिल किया था।

Murray एवं अन्य ने दिखाया कि रोकथाम शोध को एनआईएच की शोध अनुदान या सहाकारिता करारों की निधि का 22.6% मिला था। प्राथमिक रोकथाम (किसी नई स्वास्थ्य स्थिति का रोकथाम, जन सामान्य में स्वास्थ्य को प्रोत्साहन, या किसी नई स्वास्थ्य स्थिति के जोख़िम कारकों की पहचान) इस पोर्टफ़ोलियो में सबसे आम (62.3%) प्रकार का रोकथाम शोध था। और, द्वितीयक रोकथाम (रोग की प्रगति की रोकथाम या किसी ज्ञात स्वास्थ्य स्थिति के दोबारा होने की रोकथाम, और रोग की प्रगति या उसके दोबारा होने के जोख़िम कारकों की पहचान), रोकथाम शोध के इस पोर्टफ़ोलियो का मात्र 18.1% भाग थी। एनआईएच द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं में से केवल 16.7% परियोजनाएं प्राथमिक एवं द्वितीयक रोकथाम शोध की थीं।

Mokdad AH एवं अन्य द्वारा प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की काउंटियों में जीवन प्रत्याशा में जो भिन्नता पाई जाती है उसका 74% भाग सामाजिक-आर्थिक एवं नस्ली/नृजातीय कारकों, स्वास्थ्य देखभाल कारकों, और व्यवहार-संबंधी एवं उपापचयी जोख़िम कारकों के मेल के कारण है। Murray एवं अन्य ने दिखाया कि एनसीडी, यथा हृदयवाहिकीय रोग, कई प्रकार के कैंसर, मधुमेह, और जीर्ण श्वसन रोग के लिए, शोध पोर्टफ़ोलियो के लगभग 5% में कई अग्रणी जोख़िम कारक (एल्कोहल, मोटापा, आहार एवं पोषण, और शारीरिक गतिविधि) चुने गए थे। हालांकि तम्बाकू धूम्रपान कई एनसीडी का अकेला सबसे अधिक रोकथाम-योग्य कारण है, पर फिर भी यह शोध पोर्टफ़ोलियो के केवल 5.1% में चुना गया था। धूम्रपान वह मुख्य अस्वास्थ्यकर व्यवहार बना हुआ है जो एनसीडी से संबंधित मौतों एवं रोगों में, और स्वास्थ्य संबंधी सामाजिक-आर्थिक असमानताओं में, शारीरिक अक्रियता, एल्कोहल के उपयोग, और अस्वास्थ्यकर आहार की तुलना में सबसे अधिक योगदान देता है। जब Murray एवं अन्य ने परियोजनाओं के संपर्क कारकों और परिणामों के आधार पर उन्हें कोडित किया, तो परिणामों में दिखा कि दोनों में से किसी में भी तम्बाकू कोई उल्लेखनीय रुझान प्रस्तुत करता नहीं दिखा। फिर भी, तम्बाकू का उपयोग रुग्णशीलता और मरणशीलता का सबसे अधिक रोकथाम-योग्य कारण है – हर वर्ष यह दुनियाभर में 71 लाख मौतों का और अमेरिका में 4,80,000 मौतों का कारण बनता है।

ओडीपी, धूम्रपान के उपचार को एक द्वितीयक रोकथाम शोध के रूप में परिभाषित करता है। क्या हानि घटाव उत्पादों को भी द्वितीयक रोकथाम के उपाय माना जा सकता है? फ़ाउंडेशन द्वारा समर्थित एक हालिया धूम्रपान निवारण परिदृश्य विश्लेषण ने दर्शाया कि धूम्रपान निवारण के वर्तमान साधन एवं सेवाएं धूम्रपान छोड़ने की बहुत कम दर उत्पन्न करते हैं (उनका उपयोग करने वाले धूम्रपानकर्ताओं में से केवल 13%-23% में 1-वर्ष में सफल निवारण), और यह कि दवा कंपनियों के पास कुछ अभिनव निवारण दवाएं विकासाधीन हैं। इसी प्रकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन का आकलन है कि निकोटीन प्रतिस्थापन थेरेपी जैसी औषधीय चिकित्साएं, धूम्रपान छोड़ने की दरों में मात्र लगभग 7% की वृद्धि कर सकती हैं। एक घटी हानि उत्पाद, ई-सिगरेट अपनाने वाले धूम्रपानकर्ताओं पर किए गए एक हालिया अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि ये यंत्र, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसॉर्डर (सीओपीडी) के रोगियों में तम्बाकू धूम्रपान से हुई हानि के कुछ अंश को पलट सकते हैं। यह देखते हुए कि धूम्रपान, सीओपीडी का सबसे आम कारण है, क्या हो यदि घटी हानि वाले उत्पादों के उपयोग से यह जोख़िम कारक समाप्त हो जाए, क्या वे सीओपीडी की व्यापकता में उल्लेखनीय कमी ला सकेंगे? एक हालिया रिपोर्ट, “न आग, न धुआं – तम्बाकू हानि घटाव की वैश्विक स्थिति 2018” (जीएसटीएचआर) से संकेत मिलता है कि घटी हानि वाले उत्पादों में सार्वजनिक स्वास्थ्य को उल्लेखनीय रूप से अधिक लाभ प्रदान करने का सामर्थ्य है।

कुल मिलाकर, वर्तमान अध्ययन Calitz एवं अन्य के अध्ययन के निष्कर्षों की पुष्टि करता है और उन्हीं पर विस्तार करता है। रोकथाम शोध को आवश्यकता से कम वित्तपोषण मिल रहा है और इस क्षेत्र में एनआईएच द्वारा वित्तपोषण में वृद्धि होने से देश को निश्चय ही लाभ होगा। मौत और अशक्तता के जोख़िम कारक, जिनमें तम्बाकू धूम्रपान शामिल है, वर्तमान एनआईएच वित्तपोषण, जो अनुमानतः 5% है, से कहीं अधिक वित्तपोषण आवश्यक करते हैं, विशेष रूप से यह देखते हुए कि जीवन प्रत्याशा में जो उच्च भिन्नता है वह आंशिक रूप से धूम्रपान जैसे जोख़िम कारकों के कारण है। साथ ही, धूम्रपान करने वालों को धूम्रपान छोड़ने या घटे जोख़िम वाले उत्पाद अपनाने में मदद करने वाले हस्तक्षेपी शोध पर उचित ध्यान दिया जाना और उसका उचित वित्तपोषण किया जाना चाहिए। हस्तक्षेपी शोध परियोजनाओं में बड़े अनुपात में प्रेक्षणमूलक अध्ययनों का बोलबाला है (63.3% परियोजनाओं में प्रेक्षणमूलक अध्ययन थे, जबकि मात्र 18.2% परियोजनाओं में संयोगाधारित हस्तक्षेप था)। हालांकि, अमेरिकी वयस्कों में धूम्रपान समाप्त करने के लिए “वर्णनकारी” अध्ययनों की बजाय अधिक नवाचारी एवं प्रभावी हस्तक्षेपों की अत्यंत आवश्यकता है। हम धूम्रपान रोकथाम एवं निवारण, और तम्बाकू हानि घटाव के क्षेत्र में एनआईएच द्वारा वित्तपोषित शोध में पर्याप्त वृद्धि देखने के लिए उत्सुक हैं।

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