स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी | धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

स्वास्थ्य, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी

धूम्रपान से स्वास्थ्य में किस प्रकार जटिलताएं पनपती हैं यह बात व्यापक तौर पर ज्ञात है। 2015 में, धूम्रपान पूरी दुनिया में मौत और अशक्तता का दूसरा सबसे बड़ा जोख़िम कारक था, जो 11.5% मौतों का और अपंगता-समायोजित जीवन वर्षों के 6.0% का कारण था। 2016 में तम्बाकू के उपयोग के कारण हुईं 71 लाख मौतों में से 63 लाख मौतें सिगरेट पीने के कारण हुई थीं। हालांकि तम्बाकू धूम्रपान की विश्वव्यापी दर में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय कमी आई है, पर वर्तमान में धूम्रपान करने वाले लोगों की निरपेक्ष संख्या 1980 में लगभग 72 करोड़ से बढ़कर आज लगभग 1.1 अरब हो गई है, जो कई निम्न- और मध्यम-आय देशों में धूम्रपान की व्यापकता घटने की गति के जनसंख्या वृद्धि की गति से पीछे रह जाने के कारण है।

धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन (फाउंडेशन) का स्वास्थ्य, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी (एचएसटी) संभाग इसी पीढ़ी में धूम्रपान ख़त्म करने के लिए वैश्विक वैज्ञानिक तम्बाकू शोध को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है। धूम्रपान करने वालों की सर्वाधिक संख्या वाले देशों में संस्थानों एवं परियोजनाओं में निवेश करके, हम वैश्विक शोध क्षमता के असंतुलन को हल करते हैं। हम सीमित वैश्विक शोध क्षमता का प्रतिकार करने के लिए दुनियाभर में शोध उत्कृष्टता केंद्रों के निर्माण का समर्थन करते हैं। आंकड़ों और ज्ञान के फ़ासलों की पहचान करके, हम उत्तर की आवश्यकता वाले सबसे अविलंबी शोध प्रश्नों की खोज करते हैं। हमारा मानना है कि धूम्रपान निवारण और हानि घटाव, दोनों पर फ़ोकस करने से, केवल धूम्रपान निवारण पर फ़ोकस करने की तुलना में कहीं अधिक स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे। इसलिए हम नवाचारी और प्रभावी धूम्रपान निवारण साधनों और सुलभ घटे-जोख़िम उत्पादों के विकास में निवेश करते हैं।

हमारे विस्तृत एजेंटा पर एक नज़र यहां डालें।

वर्डप्रेस ऐप्लायंस - संचालक टर्नकी लिनक्स

Powered by