मुक्ति और नवाचार: पुराने उद्योगों के लिए रवांडा से कुछ सबक - धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

मुक्ति और नवाचार: पुराने उद्योगों के लिए रवांडा से कुछ सबक

मैंने 4 जुलाई 2019 को किगाली में मुक्ति दिवस की 25वीं वर्षगांठमें भाग लिया जिसे नरसंहार की समाप्ति की याद में मनाया जाता है। “तब” और अब के बीच का अंतर असाधारण था।

 

 

किगाली में मुक्ति दिवस की 25वीं
वर्षगांठ की याद में परेड 4 जुलाई 2019 को ।

 

रवांडा ने 1994 के बाद से कई संधारणीय विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में प्रगति की है। बदलाव के कुछ चालक बल इस प्रकार हैं:

  • असाधारण राष्ट्रीय नेतृत्व (राष्ट्रपति Kagame से शुरू करके);
  • पुरानी प्रणालियों को पीछे छोड़ देने वाले विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और नवाचार में भारी निवेश (इंटरनेट की बेहतर सुलभता से लेकर सुदूर क्लीनिकों को ख़ून पहुंचाने के लिए ड्रोन्स के इस्तेमाल तक);
  • सत्ता और प्राधिकार के पदों पर महिलाओं का उद्भव (उदाहरण के लिए, 67% सांसद महिलाएं हैं);
  • विकास के सभी क्षेत्रों में निजी-सार्वजनिक साझेदारियां; और
  • भावी वैज्ञानिकों, उद्यमियों और नेताओं के रूप में युवाओं में निवेश।

3-5 जुलाई, जिसके बीच मुक्ति दिवस आता है, के दौरान आयोजित किगाली वैश्विक संवाद में इनमें से कई मुद्दों पर रवांडा के दृष्टिकोण से, व्यापक रूप से अफ्रीकी दृष्टिकोण से, और भारतीय दृष्टिकोण से चर्चाएं हुईं। उदाहरण के लिए, हमने वैज्ञानिक प्रगति को प्रेरित करने के लिए किगाली इनोवेशन सिटी के विकास के बारे में जाना। वक्ताओं ने इसके मूर्त उदाहरण दिए कि किस प्रकार उच्च-स्तरीय नीति स्थानों में महिलाओं की संलग्नता के बढ़ने से इस बात पर प्रभाव पड़ता है कि किन बातों पर चर्चा होती है और मुद्दों पर किस प्रकार ध्यान दिया जाता है। सामाजिक आवश्यकताओं को, और जो एसडीजी से अधिक निकटता से संबंधित हैं उन्हें, उच्च प्राथमिकता मिलती है।

 

 

मालदीव के भूतपूर्व राष्ट्रपति Mohamed Nasheed किगाली वैश्विक संवाद में बोलते हुए।

 

मालदीव के भूतपूर्व राष्ट्रपति Mohamed Nasheed का संबोधन, सबसे दमदार संबोधनों में से एक था। जलवायु परिवर्तन को ख़त्म करने पर दिए गए उनके संबोधन में वही अत्यावश्यकता और फोकस था जिसे रवांडा अधिक व्यापक रूप से हासिल कर रहा है। उन्होंने एक वांछित एवं आवश्यक कोयला-मुक्त दौर की ऐसी कई विशेषताओं की रूपरेखा रखी जो मेरे विश्वास में धूम्रपान-मुक्त दुनिया के लिए कई निहितार्थ रखती हैं, जैसे:

  • विकल्पों को संभव बनाने और आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी की उपलब्धता। घटी-हानि वाले उत्पादों का विस्तार, दहनशील सिगरेट क्षेत्र के लिए और विषैला धूम्रमुक्त तम्बाकू उत्पादों के लिए यही कार्य करता है।
  • उपभोक्ता मांग द्वारा समर्थित निजी-सार्वजनिक नवाचार कोयला छोड़कर अक्षय ऊर्जा स्रोत, लकड़ी और चारकोल छोड़कर प्राकृतिक गैस, त्यक्त और प्रदूषक मानव अपशिष्ट को छोड़कर बायोमास उत्पादन, और आंतरिक दहन इंजन को छोड़कर इलेक्ट्रिक कार अपनाने में मदद कर रहा है। दहनशील सिगरेट ख़त्म करने और हानिकारक धूम्रमुक्त उत्पादों जैसे गुटख़ा और पान आदि का उपयोग ख़त्म करने के प्रयासों के मामले में भी ऐसा ही होना चाहिए।
  • कुछ देशों में नियामक नवाचार इस बदलाव को प्रोत्साहित कर रहा है। Nasheed ने यूनाइटेड किंगडम में हो रही प्रगति को उद्धृत किया, जहां अब बिजली के लिए कोयले का उपयोग नहीं हो रहा है – यह एक बहुत बड़ा बदलाव है, यह देखते हुए कि औद्योगिक क्रांति कोयले के बलबूते आई थी। उन्होंने रवांडा और भारत के उदाहरणों का उल्लेख किया कि कैसे सरकारी कदम स्वच्छ ऊर्जा के अंगीकरण को सक्रिय रूप से प्रेरित कर रहे हैं, यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संबंधित कदमों को समर्थन देकर भी ऐसा किया जा रहा है।
  • दुख की बात है कि धूम्रपान के ख़ात्मे को ऐसा प्रबुद्ध नियामक समर्थन मिलने के उदाहरण बहुत कम हैं। यूनाइटेड किंगडम और न्यूज़ीलैंड ऐसा करने में सबसे महत्वपूर्ण आरंभिक नेता रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा समर्थित कई अन्य देशों में ऐसी नीतियां हैं जो यथास्थिति (सिगरेट पीने) को वांछित मानदंड के रूप में कायम रखेंगी – एक अरब धूम्रपानकर्ताओं और धूम्रमुक्त उत्पादों के उपयोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्परिणामों के साथ। हालांकि, कोयले के संबंध में नीतिगत बदलावों के उदाहरण, विशेष रूप से यूनाइटेड किंगडम के उदाहरण, यह संकेत देते हैं कि समय रहते विज्ञान और जनता की मांग की जीत होगी।
  • भूतपूर्व राष्ट्रपति ने एक ऐसे महत्वपूर्ण कारक पर भी प्रकाश डाला जिसने जलवायु परिवर्तन में हो रही प्रगति को बाधित किया है, वह है संयुक्त राष्ट्र संघ(यूएन) सम्मेलन प्रक्रिया के संरचनात्मक पहलू। यह तीव्र बदलाव का सर्वोत्तम संभव विकल्प खोजने की बजाय, “लघुत्तम समापवर्तक” दृष्टिकोण का पक्ष लेती है। उनका इशारा यूएन जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन की ओर था, पर उनकी टिप्पणियां डब्ल्यूएचओ तम्बाकू नियंत्रण पर फ्रेमवर्क सम्मेलन पर भी लागू होते हैं। उनका मानना है कि हमें बहुराष्ट्रीय पहलों में मानदंडों और अपेक्षाओं को ऊंचा उठाने के लिए “इच्छुकों के गठबंधनों” के नेतृत्व के गठन को बढ़ावा देना होगा।
  • अभूतपूर्व नवाचार, जैसे अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ प्रौद्योगिकियां, यूएन सम्मेलनों में ख़राब प्रदर्शन करते हैं। निजी क्षेत्र के नवाचार और उपभोक्ताओं की मांगें, घोंघे की चाल चल रहीं यूएन प्रक्रियाओं से वर्षों आगे हैं। ऐसा आंशिक रूप से इसलिए है क्योंकि सम्मेलन प्रक्रियाओं के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि सामान्य नीति रचना के दशकों के अनुभव से आते हैं, न कि विज्ञान और नवाचार की तेज़ी से आगे बढ़ती दुनिया से। सरकारें एसडीजी पर अधिक तेज़ी और अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान देने में सक्षम अभूतपूर्व प्रौद्योगिकीय खोजों का लाभ उठा सकें यह सुनिश्चित करने के लिए आज नए मॉडलों की आवश्यकता है। तम्बाकू हानि घटाव के संबंध में तो इसकी और भी अधिक आवश्यकता है

Nasheed ने ऊर्जा बदलाव की प्रक्रिया में संभावित “पराजितों”, यानि कोयला खनिकों की सहायता के महत्व पर भी ज़ोर दिया। तम्बाकू नियंत्रण के मामले में, पराजितों के स्थान पर तम्बाकू किसान हैं, विशेष रूप से वे किसान जो अफ्रीका और एशिया के निर्धन ग्रामीण समुदायों से हैं, जहां छोटी जोत वाली महिला किसान आम हैं। तम्बाकू की मांग घट रही है और यह पहले से अरक्षित जनसमूहों को प्रभावित करेगी। तम्बाकू किसान और उनकी सरकारें, दोनों ही यह बात जाते हैं। छोटी जोत के तम्बाकू किसानों द्वारा वैकल्पिक आजीविकाएं अपनाए जाने के तरीकों को सहयोग बढ़ाना, आर्थिक और नैतिक, दोनों दृष्टि से सही है।

रवांडा में नरसंहार के ख़ात्मे के बाद इन चर्चाओं को 25 वर्ष लगे। तब, भविष्य अंधकारमय था। आज वह हो रहा है जो तब सोचा भी नहीं जा सकता था। अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है। बहुत से नेतृत्व पदों पर महिलाएं हैं। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, और उद्यमिता युवाओं को सक्रिय एवं रोमांचित कर रहे हैं।

तम्बाकू उद्योग के रूपांतरण के लिए जो कुछ चाहिए, ये घटक उस पर लागू होते हैं। पर इस प्रकार के रूपांतरण की शुरुआत इस बात की स्पष्ट दूरदृष्टि के साथ होती है कि क्या संभव है और वांछनीय है – और यह दूरदृष्टि वैश्विक तम्बाकू नियंत्रण के पुराने नेतृत्व में अनुपस्थित है।

वर्डप्रेस ऐप्लायंस - संचालक टर्नकी लिनक्स

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