डेरेक याच | धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

डेरेक याच

निदेशक मंडल
डेरेक याच

अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य

MBChB, MPH, DSc (ऑनोरिस कॉसा)

डॉ Derek Yach 30 से भी अधिक वर्षों से एक वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और धूम्रपान-विरोधी पक्षधर हैं, और धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। अपने पूरे करियर में, उन्होंने धूम्रपान निवारण शोध और नीति विकास का समर्थन एवं नेतृत्व किया है, और वे हानि-घटाव नीतियों के प्रबल समर्थक रहे हैं और 2005 से ही हानि-घटाव को अधिक महत्व दिए जाने की मांग करते आ रहे हैं। वे स्वास्थ्य संवर्धन और बीमारी की रोकथाम के एक जुनूनी समर्थक भी हैं और धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन में अपने करियर के काम को आगे बढ़ा रहे हैं।

डॉ. याच पूर्वकाल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कैबिनेट निदेशक और गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कार्यकारी निदेशक थे, जहां वे तम्बाकू नियंत्रण पर विश्व की संधि, तम्बाकू नियंत्रण पर फ्रेमवर्क सम्मेलन के विकास के साथ गहराई से जुड़े थे। वे वाइटैलिटी ग्रुप के पूर्व मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, वाइटैलिटी इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक, पेप्सिको में वैश्विक स्वास्थ्य और कृषि नीति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रॉकफेलर फाउंडेशन में वैश्विक स्वास्थ्य के निदेशक, और येल युनिवर्सिटी में वैश्विक स्वास्थ्य के प्रोफेसर भी हैं। उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य पर 250 से अधिक समकक्ष-समीक्षित लेखों का लेखन या सह-लेखन किया है और विश्व आर्थिक मंच, कॉर्नरस्टोन कैपिटल और वेलकम ट्रस्ट सहित कई सलाहकार बोर्डों पर काम किया है। 2007 से 2016 तक, उन्होंने क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव की कार्यक्रम सलाहकार समिति में कार्य किया।

डॉ. याच दक्षिण अफ्रीका के मूल निवासी हैं और उन्होंने जॉर्ज टाउन युनिवर्सिटी से मानद डीएससी, केपटाउन युनिवर्सिटी से एमबीसीएचबी, स्टेलनबॉश युनिवर्सिटी से बीएससी (ऑनर्स एपी), और जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ से एमपीएच की पढ़ाई की है।

अग्रणी तम्बाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क का विकास

विश्व स्वास्थ्य संगठन में कार्य करते समय, डॉ. याच ने संगठन के तम्बाकू नियंत्रण पर फ्रेमवर्क सम्मेलन(एफसीटीसी) के विकास में मुख्य भूमिका निभाई, जो दुनिया भर में तम्बाकू के खतरों का वर्णन करने और दुनियाभर में उसके उपयोग, बिक्री, वितरण और विज्ञापन को सीमित करने वाले सार्वभौमिक मानकों का एक सेट है। यह फ्रेमवर्क तम्बाकू नियंत्रण पर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण संधि बन गया है और लगभग 180 देशों द्वारा इसकी पुष्टि की गई है, जिनमें से 75% से अधिक ने मौजूदा कानून को मजबूत किया है या नई तम्बाकू नियंत्रण नीतियों को अपनाया है। 2004 में विश्व स्वास्थ्य संगठन छोड़ने के बाद से, डॉ. याच ने एफसीटीसी के सुधार के लिए समर्थन करना जारी रखा है। उन्होंने विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के लिए हफ़िंगटन पोस्ट में एक ब्लॉग में तम्बाकू के विज्ञापन, प्रचार और प्रायोजन पर प्रतिबंध की माँग की, और 2014 में लैंसेट में प्रकाशित एक लेख में एफसीटीसी की वर्तमान स्थिति और भविष्य के प्रभाव पर मीमांसा की।

धूम्रपान से होने वाले नुक़सान को कम करने की प्रतिबद्धता

एफसीटीसी के विकास के बाद से, धूम्रपान के नए कम-जोखिम वाले विकल्पों की एक श्रृंखला को उपभोक्ताओं के लिए पेश किया गया है जो निकोटीन को टार से अलग करते हैं। डॉ. याच का मानना है कि ये उत्पाद धूम्रपान निवारण को बढ़ावा दे सकते हैं और धूम्रपान के जोखिमों को कम कर सकते हैं। उन्होंने इस विषय के बारे में विस्तार से लिखा है, और उनके लेख दि फाइनेंशियल टाइम्स, दि स्पेक्टेटर, लिंक्डइन, नेशनल पोस्ट और दि हफ़िंगटन पोस्ट में प्रकाशित होते हैं।

स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और रोग की रोकथाम करना

डॉ. याच गैर-संचारी रोग की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन के जुनूनी समर्थक हैं और लोगों की व्यायाम करने, पौष्टिक भोजन खाने और स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करने के लिए प्रोत्साहनों को बढ़ाने के हिमायती हैं। वे मानते हैं कि धूम्रपान-मुक्त दुनिया बनाने से बीमारी को रोकने, वैश्विक आबादी के जीवन में कई वर्षों का इज़ाफ़ा करने, जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने और आर्थिक उत्पादन बढ़ाने का काम बहुत हद तक पूरा हो जाएगा। ग्लोबल हार्ट पत्रिका के लिए लिखे गए एक लेख में, वे सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच साझा मूल्य बनाने की आवश्यकता को समझाते हैं, जिससे न केवल रोग के उपचार – बल्कि बीमारी की रोकथाम में भी नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने TEDxMonteCarlo में एक प्रस्तुति के दौरान स्वास्थ्य संवर्धन और बीमारी की रोकथाम पर अपनी सोच का अधिक वर्णन किया।

 

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