मलावी में तम्बाकू की खेती के विकल्प और पर्यावरण में गिरावट - धूम्रपान-मुक्त दुनिया फाउंडेशन

मलावी में तम्बाकू की खेती के विकल्प और पर्यावरण में गिरावट

एक्सल क्लेन द्वारा

ऐतिहासिक रूप से, उप-सहाराई अफ्रीका के लघुधारक किसानों के लिए तम्बाकू एक आकर्षक फसल रही है। फिर भी, फसल की वैश्विक कीमतें अब गिर रही हैं, जिससे किसानों की आजीविकाओं के लिए ख़तरा पैदा हो रहा है। मेरे सहकर्मी और मैं जानना चाहते थे कि मलावियाई लोग इस बदलाव से किस तरह से जूझ रहे और अनुकूलित हो रहे हैं और क्या वे वैकल्पिक फसलें उगाने की योजना बना रहे हैं। हमारे फ़ील्डवर्क से जल्दी ही स्पष्ट हो गया कि तम्बाकू को प्रतिस्थापित करना बहुत कठिन है।

बेशक, तम्बाकू उगाना चुनौतियों से रहित नहीं है: इसमें बहुत मेहनत और खर्च लगता है, और मुश्किल समय में इसे खाया नहीं जा सकता। इसके अलावा, जिन फसलों को कटाई के बाद एकत्र नहीं किया जाता है उन्हें सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है; और यह पौधा पर्यावरण पर बुरा असर डालता है। फिर भी, तम्बाकू के ख़रीदार हमेशा उपलब्ध रहते हैं; और, हालांकि किसानों को राजस्व का एक छोटा सा अंश प्राप्त होता है, फिर भी वे सकारात्मक वित्तीय रिटर्न के बारे में कमोबेश आश्वस्त रह सकते हैं। इसके अलावा, आउटग्रोअर स्कीमों के सदस्य तम्बाकू किसानों को तम्बाकू की पत्ती की कंपनियों के समर्थन की सुविधा मिलती है, जो ऋण देते हैं, बीजों की आपूर्ति करते हैं, आधुनिक कृषि प्रथाओं में प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, और प्रतिकूल परिस्थितियों में अक्सर सामाजिक सहायता प्रदान करते हैं।

मलावी में, तम्बाकू वर्षों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार और देश में विदेशी मुद्रा के अर्जन का सबसे बड़ा ज़रिया रही है। इसलिए, जैसे-जैसे प्रीमियम निर्यात बाजारों में खपत घटती है, और दबाव बढ़ते हैं, देश भर के ग्रामीण समुदाय हताश होकर वैकल्पिक आय की तलाश कर रहे हैं। कई समुदायों में, युवा लोग शहरों और देश के बढ़ते हुए अनौपचारिक क्षेत्र में स्थानांतरित हो रहे हैं क्योंकि उद्योग और सेवाओं में अवसर सीमित हैं। वे लोग जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, वे अन्य निर्यात फसलों जैसे कि चीनी, मूंगफली या सोयाबीन के साथ प्रयोग करते हैं, या तेजी से बढ़ते शहरों को खिलाने के लिए फलियां उगाते हैं। लेकिन इनमें से कोई भी विकल्प, गिरते बाजार में भी, तम्बाकू की कीमतों की बराबरी नहीं करता है।

जैसे-जैसे कीमतें नीचे ग़लती जा रही हैं, वैकल्पिक आजीविकाएँ वास्तव में दुर्लभ हो रही हैं। मलावी के आश्चर्यजनक दृश्यों को देखते हुए, पर्यटन उद्योग में आशा की किरणें नज़र आती हैं। देश में सुंदर गेम पार्क और चमत्कारी लेक मलावी सहित बहुत कुछ है, और यह देश एक तरह से अपराध मुक्त है। फिर भी, मलावी की सुंदरता को तम्बाकू पर निर्भरता से खतरा है।

अनुसंधान के दौरान, हमने पाया कि तम्बाकू की पत्ती को खुली आग पर ‘क्योर’ करने के लिए, लकड़ी की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है जिससे मलावी के पेड़ों की संख्या पर बुरा असर पड़ता है। एक तेजी से बढ़ती आबादी ने खेत और ईंधन की आवश्यकता को बढ़ा दिया है, जिससे यह समस्या और भी गहरी हो गई है। वास्तव में, अधिकांश दक्षिणी अफ्रीका में वनों की कटाई चौंकाने वाली दर से बढ़ रही है जिस पर विकास अर्थशास्त्रियों का ध्यान नहीं गया है। वर्षों से, मलावी में किसान मूल्य श्रृंखला में ऊपर चढ़ने की बजाय अपने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करके बाजार में बदलावों का जवाब दे रहे हैं। तम्बाकू-उगाने वाले प्रमुख क्षेत्रों, लिलोंग्वे और कासंगु जिलों में बहुत सारी ज़मीन जो कुछ ही दशक पहले शानदार मिओम्बो जंगलों से ढंकी हुई थी, आज घास के मैदानों में बदल गई है। किसानों को ऊपरी मिट्टी के क्षरण की भरपाई के लिए अधिक उर्वरक की ज़रूरत पड़ रही है।

वनों की असंधारणीय कटाई का सबसे बड़ा प्रेरक शहरों में घरों और देश का कारीगरी वाली ईंट जलाने वाले उद्योग द्वारा जलाने योग्य लकड़ी की मांग है। हालाँकि, यह चुनौती अपनी फसलों में विविधता लाने के इच्छुक तम्बाकू किसानों के लिए एक आशाजनक अवसर भी बन सकती है। ईंधन की फसलें, जैसे कि भांग, हाथी घास या बांस, का उपयोग जलाऊ लकड़ी के लिए एक संधारणीय विकल्प के रूप में किया जा सकता है और इन पौधों को उगाने से छोटे किसानों को स्थिर आय का एक साधन मिल सकता है। बेशक, इस तरह का परिवर्तन रातोंरात नहीं होगा। संक्रमण के दौरान किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करने में अंतरराष्ट्रीय विकास भागीदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि यह सफल रहता है, तो यह बदलाव मलावी के कई लोगों को, देश की सुंदरता को संरक्षित करते हुए, गरीबी से बाहर निकाल सकता है।

एक्सल क्लेन एक सामाजिक मानवविज्ञानी हैं जो जलवायु परिवर्तन, बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं और वैधानिक सुधार से उत्पन्न ग्रामीण विकास के अवसरों में दिलचस्पी रखते हैं। वे आजकल मलावी में तम्बाकू किसानों के साथ, पश्चिम अफ्रीका में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा जमैका में नकली दवाओं के व्यापार, और भांग की लाइसेंसिंग के मुद्दों पर काम कर रहे हैं।

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